Tuesday, 21 September 2021

बैतालपुर ब्लाक में आयोजित किया गया प्रधानाध्यापकों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम

बीआरसी अवरा चवरी पर मिशन प्रेरणा के तत्वावधान में बेसिक शिक्षा अधिकारी कि उपस्थिति में प्रधानाध्यापकों का उन्न्मुखिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा डॉक्टर आलोक पांडेय ने प्रधानाध्यापकों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर(DBT) योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के बारे में बताया।  डाक्टर पाण्डेय ने अल्पसंख्यक मंत्रालय कि योजनाओं ,आधार केवाईसी अपडेशन,शारदा(स्कूल हर दिन आयें) योजना के बारे में बताया. जिला समन्वयक प्रशिक्षण श्री स्वप्नेश मंगलम ने दीक्षा ऐप पर होने वाले प्रशिक्षण एवं दीक्षा ऐप का कक्षा में उपयोग के बारे में बताते हुए शनिवार को होने वाली क्विज में सहभागिता बढ़ाने की बात कही। एसआरजी आदित्य नारायण गुप्ता ने प्रधानाध्यापकों को कोरोना के बाद चुनौतीपूर्ण सत्र में कैसे शिक्षण किया जाए इस ओर विमर्श किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री संतोष राय ने प्रधानाध्यापकों से कायाकल्प के 19 पैरामीटर्स,आधार नामांकन,उत्कृष्ट विद्यालयों की सूची,पुस्तक वितरण,पेंडिंग लीव,बाल गणना आदि पर विस्तार पूर्वक विमर्श करते हुए समस्त प्रधानाध्यापकों को इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

इससे पूर्व कार्यक्रम में खण्ड शिक्षा अधिकारी नवनीत चौबे, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के के अध्यक्ष श्री संजय मिश्र, ब्लाक मंत्री एवं जनपदीय कोषाध्यक्ष जी प्रकाश मणि त्रिपाठी,जूनियर शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष श्रीमती हेमा त्रिपाठी, जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह, ब्लाक अध्यक्ष श्री के०एन० सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्मृति चिन्ह देकर एवं माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री संजय मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के समापन पर खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री नवनीत चौबे ने समस्त आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बीआरसी अवरा चौरी के समस्त स्टाफ, कंप्यूटर आपरेटर श्री विजय प्रताप एवं सहायक लेखाकार श्री बृजेश मणि त्रिपाठी, अभय मणि ,अमित,सतीश एवं प्रदीप को सक्रिय सहयोग हेतु धन्यवाद देते हुए भविष्य की ब्लाकस्तरीय कार्ययोजना के ससमय क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए।। 

Thursday, 26 August 2021

चुनाव पाठशाला के उद्देश्य (Objective of Chunaw Pathshala)

 चुनाव पाठशाला के उद्देश्य इस प्रकार हैं-   

1 व्यवहारिक अनुभवों के जरिये लक्ष्य समूह को मतदाता पंजीकरण, चुनावी प्रक्रिया और इससे जुड़े दूसरे विषयों के बारे में जानकारी देना;

2 प्रतिभागियों को ई.वी.एम. और वी.पी.पैट, से परिचित कराना । उन्हें यह बताना कि ई.वी.एम. मजबूत व्यवस्था है और इसके जरिये चुनावी प्रक्रिया पूरी ईमानदारी से निभाई जाती है,

3. लक्ष्य समूह को उनके वोट की कीमत बताना, और वे अपने मत देने के अधिकार का बिना किसी दबाव के. पूरे भरोसे से और पूरी नैतिकता के साथ प्रयोग कर सकें, इसमें उनकी मदद करना;

4  चुनावी साक्षरता क्लब के सदस्यों की क्षमता का समाज में चुनावी साक्षरता का प्रसार करने के लिए इस्तेमाल करना;

5 उन सभी सदस्यों का मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना, जो उपयुक्त होते हुए भी अभी तक पंजीकृत नहीं हो पाए हैं; और

6 ऐसी सोच व समझ विकसित करना कि ज्यादा से ज्यादा लोग चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी निभाएँ और नैतिक तरीके से मतदान करें। साथ ही, इस सिद्धान्त का पालन करें कि 'हर वोट महत्त्वपूर्ण और 'कोई मतदाता न छूटे |


चुनाव पाठशाला बनाने का तरीका, सदस्य और प्रतिभागी
चुनाव पाठशाला का परिचय

चुनाव पाठशाला बनाने का तरीका, सदस्य और प्रतिभागी (Members of Chunaw Pathshala)

चुनाव पाठशाला का नाम चुनाव केन्द्र के नाम पर रखा जा सकता है। इसे बूथ लेवल ऑफिसर (बी.एल.ओ.) सम्बंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक के सहयोग से बनाएँगे और वे ही इस चलाएँगे भी। बी.एल.ओ. एवं सम्बंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक की यह जिम्मेदारी होगी कि वे चुनाव पाठशाला के बारे में लोगों को जागरूक करें,लोगों को इसमें शामिल होने के लिए तैयार करें और एक ऐसी निश्चित जगह का इन्तजाम करेंजहाँ पर चुनाव पाठशाला चलाई जा सके।चुनाव पाठशाला सबके लिए खुली होगी। पर इसमें नीचे लिखे समूह शामिल होंगे -

1 भविष्य के वे मतदाताजो 14 से 17 साल की उम्र के हैं और बीच में ही स्कूल छोड़ चुके हैं

18-19 साल की उम्र के नए मतदाता

3  महिलाएँ (युवा और प्रौढ़)

वरिष्ठ नागरिक

दिव्यांग जन (अगर कोई हों)

14 साल से कम उम्र के वे बच्चेजो स्कूल नहीं जाते

क्षेत्र विशेष के अन्य समूह (उदाहरण के लिए- जनजाति के लोग)

सदस्यों का नामांकन चुनाव पाठशाला सदस्यों और सम्बंधित सरकारी कर्मचारियों के अलावा गैर राजनीतिक सी.एस. ओ. और स्वयंसेवकों की मदद से किया जाएगा। नामांकन के लिए अध्यापकोंराष्ट्रीय साक्षरता मिशन (एन.एल.एम.) के कार्यकर्ताओंक्षेत्र के मतदान केन्द्र की पंचायत या नगर निकाय के कार्यकर्ताओं (जो निर्वाचित न हों) की स्वैच्छिक मदद ली जा सकती है।

बूथ लेवल अधिकारी (बी.एल.ओ.), संयोजक/प्रधानाध्यापक  सदस्यता का रजिस्टर तैयार करेंगे। यह रजिस्टर तैयार करना जरूरी होगा। वे हर तिमाही में जिला चुनाव अधिकारी को सदस्यता के सम्बन्ध में रिपोर्ट भेजें. रजिस्टर को अद्यतन (जिसमें अब तक की सारी जानकारियाँ दी गई हों) बनाए रखा जाना चाहिए और हर तिमाही  के अन्त में इस पर बी.एल.ओ. और संयोजक द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए। नोडल अधिकारी के रूप में बी एल ओ तैयार करना जरूरी होगा। वे हर तिमाही में जिला चुनाव अधिकारी को सदस्यता के सम्बन्ध में रिपोर्ट भेजेंगे।

5. नोडल अधिकारी के रूप में बी.एल. ओ. अपने-अपने क्षेत्र के निर्वाचन साक्षरता क्लबों के नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे। चुनाव पाठशाला सदस्य निर्वाचन साक्षरता क्लब का सहयोग करेगा और उनका मार्गदर्शन करेगा। यह सदस्य निर्वाचन साक्षरता क्लब को क्रियाशील बनाने और सदस्यों का नामांकन कराने में बी.एल.ओ. की मदद भी करेगा।

6. संयोजक

बी.एल.ओ. समुदाय में से ही निर्वाचन साक्षरता क्लब के लिए संयोजक की पहचान करेंगे। राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के स्वयंसेवक शिक्षकों और प्रेरकों को इसमें वरीयता दी जा सकती है। चुनाव पाठशाला सदस्यों राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.)नेहरू युवा केन्द्र संगठन (एन.वाई के एस) के युवा सदस्यों को इसमें बारी-बारी से संयोजक बनाया जा सकता है। इन्हें एक मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्वाचन साक्षरता समूह बनाने से पहले एक काम किया जाना जरूरी हैवह है-संयोजकों की पहचान और उनका प्रशिक्षण ।

बी.एल.ओ. खुद भी पाठशाला के संयोजक के रूप में काम कर सकते हैं। यह राज्य सरकार को तय करना है कि संयोजक कोई स्वयंसेवक होगा अथवा बी.एल.ओ. स्वयं ।संयोजक को मतदाता प्रशिक्षक कहा जाएगा। मतदाता प्रशिक्षक का काम होगा-सारी गतिविधियों का अध्ययन करके उन्हें पूरी दक्षता के साथ चुनाव पाठशाला में आयोजित करना। इसके लिए प्रशिक्षक को विशेष प्रयास व तैयारी करनी होगी। प्रशिक्षक. बी.एल.ओ. की मदद से लोगों की समस्याओं और मुद्दों की पहचान करेंगे और उनकी शंकाओं का समाधान करेंगे। साथ हीप्रतिभागियों से मिलने वाले फीडबैक और सुझावों पर विचार करके उस विषय पर अपना सुझाव देंगे। मतदाता प्रशिक्षक को पंजीकरणमतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया का अच्छा ज्ञान/जानकारी होनी चाहिए।

 

उपरोक्त चुनाव पाठशाला के दिए गए फार्मेट में जिस प्रकार के सदस्य/मतदाता  मिलते जाएँ उनके नाम रजिस्टर में जोड़ते रहें. 


चुनाव पाठशाला का परिचय
चुनाव पाठशालाऒं के उद्देश्य 

चुनाव पाठशाला का परिचय (Introduction to Chunaw Pathshala)

हमारे देश में निर्वाचन साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए निर्वाचन साक्षरता क्लब बनाए जा रहे हैं। वे क्लब हर उम्र के लोगों को चुनावी साक्षरता देने के लिए काम करेंगे। खासतौर से भविष्य के मतदाता और युवा मतदाता इसके दायरे में आएँगे। ये क्लब ऐसी गतिविधियों के जरिये निर्वाचन साक्षरता देंगे, जो रोचक और मनोरंजक होंगी। इनका निर्वाचन साक्षरता देने का तरीका व्यवहारिक अनुभवों पर आधारित होगा। यह सारा काम निष्पक्ष तरीके से तटस्थ रहकर किया जाएगा। तटस्थ यानी किसी भी पक्ष में शामिल हुए बिना । उन लोगों के लिए, जो औपचारिक शिक्षा से नहीं जुड़े हैं, मतदान केन्द्र के स्तर पर निर्वाचन साक्षरता क्लब बनाए जाएँगे। ये क्लब चुनाव पाठशाला' के रूप में बनाए जाएंगे। चुनाव पाठशाला मतदान केन्द्र के स्तर पर बनेगी, और गाँव/समुदाय के सभी सदस्यों के लिए होगी। इसमें उन युवाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा, जिन्होंने बीच में ही स्कूली पढ़ाई छोड़ दी है। इसके साथ-साथ गाँव के दूसरे सभी वर्गों की भी इसमें भागीदारी होगी। चूंकि इसमें सभी उम्र के लोग शामिल होंगे, इसलिए यह जरूरी है कि जो भी गतिविधियों की जाएँ, आसान हों और सभी सदस्य इसमें भागीदारी निभाएँ। शहरी क्षेत्रों में भी इसका संचालन इसी तरह किया जाएगा।

चुनाव पाठशाला बनाने का तरीका, सदस्य और प्रतिभागी
चुनाव पाठशालाऒं के उद्देश्य 

Friday, 13 August 2021

मतदाता शपथ का प्रारूप

चुनाव पाठशाला,राष्ट्रीय मतदाता दिवस एवं अन्य मतदाता जागरूकता सम्बन्धी कार्यक्रमों में ली जाने वाली मतदाता शपथ 

 

शपथ-  "हमभारत के नागरिक लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा  स्वतंत्रनिष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुएनिर्भीक होकर धर्म,वर्गजातिसमुदायभाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।"

Friday, 2 April 2021

शिक्षक सम्प्रेषण मंच

About us 

Books & TLM  Download

Worksheet Download

General Information for Basic Shiksha Parishad Teachers

Educational software and Games for kids

Contact us


औ की मात्रा वाले शब्द (au ki matra wale shabd)

 औ की मात्रा वाले शब्द

और कौआ कौन गौरी चौक चौका दौड़ दौर नौका पौधा फौज फौजी बौना मौका मौजमौजी मौसा मौसी लौकी लौटा शौक सौदा सौर हौज हौले कचौड़ी कौरव कौशल खिलौना गौरव चौकठ चौपाल चौधरी चौराहा जौहर तौलिया दौड़ना दौलत नौकर पकौड़ी फौरन बिछौना भगौना मौसाजी हथौड़ी कचौड़ीवाला  गौरीनाथ जौनपुर दौलतबेग बैठकर  शौचालय सौदागर  खिलौनाघर

औ की मात्रा वाले अनुच्छेद

कौशल और सौरभ भाई हैं । मौसा जी जौनपुर से खिलौना ले आये । सौरभ खिलौने से खेल रहा था । कौशल खिलौना ले कर भागा । मौसी ने कहा बिछौने पर बैठ कर खिलौने से खेल ।

गौरीनाथ गौतम चौधरी का नौकर था । गौरीनाथ बाजार से सौदा खरीदता था । उसने ठेले से पकौड़ी और बरतन की दुकान से भगौना खरीदा । लोहार से हथौड़ा लेकर गौरीनाथ घर लौट आया ।


पीडीएफ़(PDF) डाउनलोड हेतु यहाँ क्लिक करें.

दो अक्षर के अमात्रिक शब्द, तीन अक्षर के अमात्रिक शब्द, चार अक्षर के अमात्रिक शब्द
आ की मात्रा, इ की मात्रा, ई की मात्रा, उ की मात्रा , ऊ की मात्रा, ऋ की मात्रा,
ए की मात्रा, ऐ की मात्रा, ओ की मात्रा,  औ की मात्रा, अं की मात्रा, अः की मात्रा