Friday 2 April 2021

ऋ की मात्रा वाले शब्द एवं वाक्य

ऋ की मात्रा वाले शब्द

ऋण ऋषि कृत कृति कृपा कृमि कृषि कृष्णा गृह घृणा घृत तृण तृप्त तृषा दृग दृढ दृशा नृत नृप पितृ भृगु मातृ मृदा मृदु वृथा वृक्ष वृत्ति अमृत ऋषभ कृतघ्न कृतज्ञ कृत्रिम कृपाण कृपालु कृषक गृहणी तृतीय दृश्य नृत्य पृथक पृथ्वी बृजेश भृकुटी मृदुल मृदंग वृतांत दृढ़ता वृष्टि श्रृंगाल श्रृंखला सृजन सदृश हृदय ऋग्वेद अतिथिगृह कृपापात्र कृष्णकांत मृणालिनी मृगनयनी वृक्षावली सहृदय सृजनशील

ऋ की मात्रा वाले अनुच्छेद

भृगु ऋषि का आगमन हुआ । मृग चल रहा था । पृथक पृथक मत चल। तृण तृण चुन कर रख । वृक्ष की छाया शीतल थी । गृह का सृजन कर । घृणा मत कर । पृथ्वी का चित्र बना ।
कृष्णलाल नाम का एक कृषक था । वह मृदुल तथा सहृदय था । कृष्णलाल कृषि करता था । वह वृषभ रखता था । वह मृदा पर हल चलाता था । मृग फल खाता था । 



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