Saturday, 17 June 2017

टपका का डर

कक्षा दो/कलरव/पाठ 5 /टपका का डर 

बरसात का दिन था । चारों ओर पानी बरस रहा था। दादी मां का घर भींग रहा था । जल्दी ही छप्पर से पानी टपकने लगा। दादी मां परेशान हो उठी,परंतु करती भी क्या? छप्पर पुराना था। 
थोड़ी देर में ओले भी पड़ने लगे।बेर बराबर ओले। उधर एक बाघ ओलों की मार से परेशान हो उठा । कूदते- फांदते वह दादी मां के घर के पास पहुंचा।
दादी मां अंदर भात बना रही थी। चूल्हे पर पानी टपक रहा था,टप-टप ।
वह झुंझला उठी और बोलीं- "मुझे टपका से जितना डर लगता है उतना बाग से भी नहीं।"
बाघ ने सोचा- दादी माँ मुझसे तो नहीं डरती मगर टपका से डरती है। टपका  जरूर मुझसे भी बड़ा कोई जानवर होगा ! बस इतना सोचते ही बाघ घबराया और सिर पर पैर रख कर भागा ।

उपरोक्त पाठ को पढाते समय अध्यापक कहानी के अलावा,
  • बच्चों को वर्षा ऋतु के बारे में जानकारी देंगे। 
  • जंगली जानवरों के बारे में जानकारी देंगे। 
  • बरसात के मौसम में कैसा पर्यावरण रहता है इसकी जानकारी देंगे। 
  • बरसात के हानि लाभ एवं बरसात से बचाव की जानकारी देंगे। 

अभ्यास

1 इस पाठ में कौन से शब्द के अक्षरों से बने हैं लिखो
जैसे ब से बस

    बरस बोली बोली भाग बड़ा बस
म     मां मगर मुझसे प पानी पुराना परंतु पैर
    टपकने टपक टप टपका

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2 उत्तर लिखो 
प्रश्न: दादी मां क्यों परेशान थी?
उत्तर:  दादी मां बरसात में छप्पर से पानी टपकने के कारण परेशान थी।

प्रश्न: बाघ क्यों भाग गया?
उत्तर:  बाघ  इसलिए भाग गया क्योंकि उसने सोचा कि दादी मां टपका से डरती हैं। मुझ से नहीं डरती अतः टपका कोई मुझसे भी बड़ा जानवर होगा।
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3 बताओ 

(क) छप्पर टपकने पर कैसी आवाज होती है?
उत्तर: छप्पर टपकने पर टप टप की आवाज आती है।
(ख) छप्पर कौन-कौन सी चीजों से बनता है?
उत्तर: छप्पर लकड़ी,बांस, पतवार, घास, फूस आदि से बनता है।

(ग) बरसात के मौसम में क्या क्या होता है ?
उत्तर: बरसात के मौसम में, काले काले बादल आते हैं,बारिश होती है,बिजली कडकती है,ओले पड़ते हैं ।
(घ) ओले पड़ने पर तुम क्या करते हो?
उत्तर:ओले पड़ने पर हम घर में छुप जाते हैं।

(ङ) तुम्हारे घर में चूल्हे पर क्या-क्या पकाया जाता है?
उत्तर: घर में चूल्हे पर, दाल चावल रोटी सब्जी पकाई जाती है।

(च) पिताजी की मां को दादी कहते हैं। तुम अपने पिताजी की मां को क्या कहते हो ?
उत्तर: हम अपने पिताजी की मां को दादी कहते हैं । 

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4  जंगल में और क्या-क्या भीग रहा होगा? सूची बनाओ-
उत्तर: जंगल में शेर,बंदर,लोमड़ी,सियार,हाथी सभी भीग रहे होंगे


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Friday, 16 June 2017

चिड़िया रानी

कक्षा दो/कलरव/पाठ3/चिड़िया रानी



चिड़िया रानी ! चिड़िया रानी!
आओ बैठो,सुनो कहानी।

मेरे आंगन में आ जाओ,
बिखरे दाने चुन-चुन खाओ,

फुदक फुदक  तुम नाचो-कूदो,
प्यास लगे तो पी लो पानी । 


सखी-सहेली तुम बन जाओ,

साथ रहो तुम गीत सुनाओ,

मुझको भी उड़ना सीखलाओ,  

तुम तो हो जानी-पहचानी ।

                                                               श्यामला कांत वर्मा
अर्थ: कविता में बालिका चिड़िया से कहती है कि,चिड़िया रानी इधर आओ,मेरे पास बैठो और एक कहानी सुनो।
चिड़िया तुम मेरे आंगन में आओ और आंगन में बिखरे हुए दाने को चुन-चुन कर खाओ। आंगन में ही तुम उधर फुदक फुदक कर नाचो और उसके बाद जब तुम्हे प्यास लगे तो आंगन में पानी पी लो।अंतिम चार पंक्तियों में बालिका चिड़िया से कहती है कि, तुम मेरी सहेली बन जाओ। तुम मेरे साथ ही रहो और कुछ गीत सुनाओ। बालिका चिड़िया से कहती है कि तुम मुझे जानी-पहचानी लगती हो तुम मुझको उड़ना भी सिखाओ।

अध्यापक छात्रों को सबसे पहले कविता को उचित हाव भाव के साथ सुनाएंगे और छात्रों से उनका अनुकरण करने को कहेंगे।
कविता का अर्थ बताने के बाद अध्यापक बच्चों से उनके घर तथा आस पास पाए जाने वाले पक्षियों के बारे में बातचीत करेंगे।
अध्यापक कक्षा में दो समूह बनाकर एक समूह से पालतू पक्षियों के नाम पूछेंगे एवं दूसरे समूह से ना पाले जा सकने वाले पक्षियों के नाम पूछेंगे। पाठ के अंत में अध्यापक बच्चों को यह भी बताएंगे कि उन्हें पक्षियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए.. जैसे कि उन्हें पक्षियों को मारना नहीं चाहिए, गर्मी के मौसम में उनके लिए किसी बर्तन में पानी रखना चाहिए इत्यादि इत्यादि




अभ्यास 1 बताओ 
(क) तुमने किस किस रंग की चिड़िया देखी है.
उत्तर: हरी चिड़िया भूरी चिड़िया नीली चिड़िया
(ख) चिड़िया क्या क्या खाती है?
उत्तर: चिड़िया अनाज के दाने और छोटे-मोटे कीड़े मकोड़ों को खाती है.
(ग) चिड़िया ऐसा क्या करती है जो हम नहीं कर सकते
उत्तर : चिड़िया उड़ सकती है परंतु हम उड़ नहीं सकते
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2:  छांटकर लिखो चिड़िया से कौन बड़ा है कौन छोटा बिल्ली,चिंटी,बकरी,मच्छर.चूहा,मक्खी,गाय,भैंस,तितली,लोमड़ी,मधुमक्खी, कुत्ता|
उत्तर:
छोटा:  चींटी मच्छर चूहा मक्खी तितली मधुमक्खी
बड़ा :   दिल्ली बकरी गाय भैंस लोमड़ी कुत्ता
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3: पाठ में "ई" तथा "ओ" की मात्रा वाले जो शब्द आए हैं उन्हें लिखो,जैसे; रानी 
उत्तर
"ई" की मात्रा वाले शब्द:  रानी,कहानी,पानी,पी,सखी,सहेली,गीत,जानी,पहचानी
ओ की मात्रा वाले शब्द:  सुनो,जाओ,खाओ,नाचो,कूदो,तो, सुनाओ,रहो,मुझको,दिखलाओ.
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वीडियो:  
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देखभाल

कक्षा दो/कलरव/पाठ चार  /देखभाल 

अध्याय चार  का नाम है देखभाल। यदि इसका ध्यान का अध्ययन करें तो इस अध्याय के माध्यम से बच्चों को ज्ञानेंद्रिया सेंस आर्गन्स की पहचान और उनके काम बताए गए हैं..आध्यापक बच्चों को इनके बारे में बता कर इन अंगों की देखभाल के बारे में बतायेंगे..

1 कौन  करे??
नीचे कुछ काम लिखे हैं जो हम करते हैं बताओ जिन्हें करने में शरीर के कौन से अंग काम आते हैं?

कूदना   ➧➧➧➧➧➨ पैर 
देखना   ➧➧➧➧➧➨ आँख 
सुनना   ➧➧➧➧➧➨  कान 
खाना    ➧➧➧➧➧➨  मुंह 
सूंघना   ➧➧➧➧➧➨  नाक 
लिखना ➧➧➧➧➧➨  हाथ 
बोलना  ➧➧➧➧➧➨ मुंह 
हंसना   ➧➧➧➧➧➨  मुँह
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2 कैसे पहचाने
यह बताओ कि इन्हें कैसे जानते और पहचानते हैं?

गर्म ठंडा     ➧➧➧➧➧➨ छूकर 
पास दूर      ➧➧➧➧➧➨ देखकर 
मोटा पतला ➧➧➧➧➧➨ देखकर 
नीला काला ➧➧➧➧➧➨ देखकर 
गंध            ➧➧➧➧➧➨ सूंघकर 
मिठास       ➧➧➧➧➧➨ खाकर 
घंटी की      ➧➧➧➧➧➨आवाज सुनकर 
गीत           ➧➧➧➧➧➨सुनकर
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3 अहा स्वाद
(क) खाने की उन चीजों के नाम लिखो जिन का स्वाद हो

मीठा      ➧➧➧➧➧➨खीर हलवा 
खट्टा       ➧➧➧➧➧➨ चटनी नींबू 
नमकीन  ➧➧➧➧➧➨नमक सब्जी 
कड़वा    ➧➧➧➧➧➨
(ख)रसोई की ऐसी चीजों की सूची बनाओ जिनसे तेज महक आती है
 
मसाला
तेल 
धनिया

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(क) हम कैसे देखभाल करते हैं अपने 

दांतो की    दातून अथवा मंजन से साफ करके
नाखूनों की सफाई करके एवं नेल कटर से काटकर
बालों की    कंघी से आंखों की पानी से धुलकर अथवा चश्मे से

(ख) हमें क्या नहीं करना चाहिए
कान में लकड़ी नहीं डालनी चाहिए 
नाक में उंगली नहीं डालनी चाहिए
आंख में
बार बार मसलना नहीं चाहिए
मुंह में बिना साफ-सफाई के खाना नहीं चाहिए


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5       अपनी सहेली या  मित्र का चेहरा अपनी कॉपी पर बनाओ
उत्तर:  यह प्रश्न कला से संबंधित है अध्यापक बंधु बच्चों को कला बनाने का प्रयास करेंगे
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Thursday, 15 June 2017

लिखने की तैयारी

कक्षा एक /कलरव/पाठ पांच /लिखने की तैयारी

अध्याय पांच का नाम है लिखने की तैयारी इस अध्याय के नाम से स्पष्ट है कि बच्चों को लिखने का प्रारंभ अब अध्यापक द्वारा करवाया जाएगा..  
इसके लिए पाठ में चूहे और बिल्ली से मिलती हुई आकृति बनाई गई है जोकि अंगूठे के निशान जैसी है।
अध्यापक अध्यापिका छात्रों को अंगूठे के निशान की सहायता से तितली मछली मकड़ी चिड़िया हाथी बंदर चींटी आदि संभव आकृतियां बना कर दिखाएगा.. 
● सबसे पहले बच्चों से अंगूठे का निशान लगवाएंगे..
● अंगूठे का निशान को किसी भी जानवर के धड़ के रूप में प्रयुक्त किया करेंगे..
● अंगूठे के निशान के ऊपर गोला बनाकर जानवर का सांकेतिक चेहरा बनाएंगे.
● अंगूठे के निशान पर आड़ी तिरछी रेखाओं की सहायता से पैर बनायेंगे।


अध्यापक इसका ध्यान देंगे कि यह एक संपूर्ण चित्र नहीं है यह  आड़ी तिरछी रेखाएं गोले की सहायता सेबनाया गया एक सांकेतिक चित्र है,जिसका प्रयोग खेल खेल में बच्चों के लिखने की तैयारी के लिए किया जाता है।

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जिसने सूरज चांद बनाया


कक्षा दो /कलरव/पाठ एक /जिसने सूरज चांद बनाया 

जिसने सूरज चांद बनाया 
जिसने तारो को चमकाया,

जिसने फूलों को महकाया
जिसने चिड़ियों को चहकाया

जिसने सारा जगत बनाया
हम उस ईश्वर के गुण गाए
उसे प्रेम से शीश झुकाएं


अध्यापकों को यह कविता पूरे हावभाव के साथ पढ़ानी चाहिए, जिससे कि बच्चे उसका अनुकरण कर सकें और कविता को कंठस्थ कर सकें. कविता को याद कराने के बाद बच्चों को कविता का अर्थ बताना चाहिए और इस में निम्नलिखित बिंदुओं का प्रमुख रुप से ध्यान रखना आवश्यक है.
● सबसे पहले अध्यापक छात्रों को सूरज चांद तारे फूल चिड़िया पेड़-पौधे आज के बारे में बताएंगे
● अध्यापक बच्चों के साथ प्रातःकालीन दृश्यों के बारे में चर्चा करेंगे
● इसके बाद अध्यापक क्या बताएंगे कि सूरज चांद तारा चिड़िया फूल एवं संसार की समस्त वस्तुओं के निर्माणकर्ता एवं समस्त जगत के निर्माणकर्ता ईश्वर है,
● अध्यापक बच्चों को ईश्वर के सर्वशक्तिमान होने के बारे में बताएगा और सृष्टिकर्ता होने के कारण सभी बच्चों को उनका उनके सामने,शीश झुकाने एवं उनकी प्रार्थना करने के लिए कहेंगे

गृहकार्य के रूप में अध्यापक बच्चों को अपने आस पास के 5 जवारो और 5 पौधों के नाम याद करने को कहेंगे और बतायेंगे की इन्हें सर्वशक्तिमान इश्वर ने बनाया है.

अर्थ कविता अत्यंत सामान्य भाषा में लिखी गई है अतः उसका अर्थ लिखना आवश्यक नहीं है




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Sunday, 4 June 2017

हुआ सवेरा


कक्षा एक/कलरव/पाठ चार /हुआ सवेरा 

हुआ सवेरा चिड़िया बोली,

बच्चों ने तब आँखें खोली।

अच्छे बच्चे मंजन करते,

मंजन करके कुल्ला करते।

कुल्ला करके मुंह को धोते,

मुंह धो करके रोज नहाते

रोज नहा कर खाना खाते

खाना खाकर पढ़ने जाते 



अध्यापकों को यह कविता पढ़ाते समय कविता को कंठस्थ कराने के बाद अर्थ बताना चाहिए.इसमें निम्नलिखित बिंदुओं का प्रमुख ध्यान रखना आवश्यक है .
● पहला बिंदु यह है कि, अध्यापक बच्चों को सूर्योदय से पूर्व उठने के फायदे बतायेंगे..जैसे कि सुबह उठने से उन्हें ताजी हवा मिलती है उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है..
● अगले बिंदु में अध्यापक बच्चों को सुबह के परिवेश के बारे में बताएगा जैसे कि उस समय शीतल वायु चलती है कौन-कौन सी चिड़िया बोलती है.. गौरैया मुर्गे इत्यादि की आवाजे कैसी होती है यह अध्यापक छात्रों को बतायेंगे.
● कविता का जो मूल उद्देश्य है वह बच्चों को नित्य कर्म के बारे में क्रमबद्ध ज्ञान देना है सुबह के वातावरण के बाद के बारे में ताने के बाद अध्यापक बच्चों को सुबह उठकर नित्य कर्म करने के बारे में क्रमबद्ध ज्ञान देगा.. जैसे की सबसे पहले बच्चे शौच आदि से निवृत्त होकर,दांत साफ़ करेंगे .दांतों की सफाई के लिए वो दातून या मंजन का उपयोग कर सकते हैं.दातुन और मंजन के बाद  कुल्ला करेंगे फिर मुंह को धोएंगे फिर नहाना नहाने के बाद भोजन उसके बाद विद्यालय जाना इसी क्रम में बच्चों को साफ सफाई एवं स्वच्छता के बारे में बताया जाएगा तथा उनसे होने वाले लाभ हानि के बारे में बच्चों से विमर्श किया जाएगा...
कविता प्राथमिक कक्षा के बच्चों को पढ़ाई जा रही है अध्यापक/अध्यापिका इसका ध्यान देंगे कि कविता पूरे हाव भाव के साथ प्रस्तुत की जाए एवं बच्चों द्वारा उसी प्रकार दोहराई जाए, जिससे कविता में बच्चों की रुचि बनी रहेगी और कविता बच्चों को जल्दी कंठस्थ होगी ,,

अर्थ: कविता का अर्थ लिखना आवश्यक नहीं क्योंकि कविता सामान्य शब्दों में लिखी गई है



वीडियो:  
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Saturday, 3 June 2017

तालाब गणित

कक्षा एक/कलरव/पाठ तीन/तालाब गणित 

कक्षा एक कलरव का तीसरा अध्याय है तालाब गणित जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि यह अध्याय कुछ सामान्य प्रारंभिक गणितीय ज्ञान को बच्चों को समझाने में उपयोगी है साथ ही साथ इस अध्याय के माध्यम से अध्यापक अथवा अध्यापिका छात्रों को तालाब के बारे में बताएंगे। जिन अध्यापक/अध्यापिकाओं की ड्राइंग स्किल अच्छी है उन्हें चाहिए कि वह पाठ्य पुस्तक में दिए चित्र के अनुसार एक श्यामपट पर तालाब एवं उसके परिवेश का चित्र बनाएं अथवा यदि ड्राइंग चित्र बनाना संभव ना हो तो बच्चों को पाठ्यपुस्तक से चित्र के माध्यम से निम्न बिंदु पढ़ाएं..

● सबसे पहले बच्चे को कम और ज्यादा की गणितीय संकल्पना के बारे में चित्र के माध्यम से बताएं जैसा कि आप चित्र में देख सकते हैं तालाब के आसपास एवं तालाब में विभिन्न पक्षी एवं जानवर के अलग-अलग संख्या में है उनकी आपस में तुलना करा कि आप बच्चों को कम या ज्यादा की संकल्पना से परिचित करा सकते हैं
● दूसरे चरण में अध्यापक या अध्यापिका छात्रों को पानी में रहने वाले जमीन पर रहने वाले एवं पेड़ पौधों पर रहने वाले जानवरों तथा पक्षियों के नाम बता सकते हैं।
बच्चों को कुछ जानवरों एवं पक्षियों के नाम बता कर यह पूछा जा सकता है कि इसमें से कौन जमीन पर चलता है कौन जल में रहता है या कौन उड़ता है।
"● तालाब गणित पढ़ाने के तीसरे चरण में तालाब से होने वाले लाभ पर बच्चों से बातचीत अध्यापक करेंगे जैसे कि तालाब से हमें सिंचाई के लिए पानी मिलता है जानवरों के पीने के लिए पानी मिलता है आदि आदि।।
तालाब में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए इसका ज्ञान करा सकते हैं जैसे की तालाब में स्वच्छ रखना चाहिए तालाब में कूड़ा करकट नहीं देखना चाहिए एवं बच्चों को तालाब से दूर रहना चाहिए अन्यथा डूबने का खतरा रहता है।
● जल की उपयोगिता के बारे में अध्यापक छात्रों को बताएंगे एवं तालाब के अलावा अन्य किन किन स्रोतों से जल प्राप्त हो सकता है इसका ज्ञान अध्यापक छात्रों को कराएंगे...
अध्यापक छात्रों को गृहकार्य के रूप में, उड़ने वाले एवं पानी में रहने वाले जानवरों के नाम याद करने के लिए कर सकते हैं। घर में पालतू जानवरों की संख्या गिनकर आने का गृहकार्य उसकी गणितीय क्षमता को बढ़ाएगा..

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