Wednesday, 29 March 2017

नव वर्ष विक्रम संवत 2074 एवं चैत्र नवरात्रि की शुभकामनायें


वर्तमान परिवेश में पश्चिम का अन्धानुकरण करते हुए हम 31दिसम्बर की रात को कडकडाती हुए ठण्ड में नव वर्ष काँप काँप कर मानतें है..पटाके फोड़ते है,मिठाइयाँ बाटते हैं और शुभकामना सन्देश भेजते है..कहीं कहीं मास मदिरा तामसी भोजन का प्रावधान भी होता है..अश्लील नृत्य इत्यादि इत्यादि फिर भी हमें ये युक्तिसंगत लगता है. विश्व में हजारों सभ्यताएं हुई हैं और हजारों पद्धतियाँ है सबकी अपनी अपनी..... शायद ३१ दिसम्बर की रात या १ जनवरी को नव वर्ष मनाने का कोई वैज्ञानिक आधार हो, मगर मैंने आज तक नहीं देखा... फिर भी ये उनकी अपनी पद्धति है, मगर हम क्यूँ गुलाम मानसिकता का प्रदर्शन करते हैं..विडंबना ये है की क्या कभी आप ने किसी अमेरिकी को हिन्दू नव वर्ष मनाते देखा है..
मैं ये कहना जरुरी समझता हूँ की १ जनवरी को कुछ भी वैज्ञानिक दृष्टि से नवीन नहीं होता मगर फिर भी नव वर्ष होता है..



भारतीय नव वर्ष कब मनाया जाता है : हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल प्रतिपदा के प्रथम दिन हिन्दू नव वर्ष मनाया जाता है..ऐसी मान्यता है की सतयुग का प्रथम दिन भी इसी दिन शुरू हुआ था..एक अन्य मान्यता के अनुसार ब्रम्हा ने इसी दिन सृष्टि का सृजन शुरू किया था..भारत के कई हिस्सों में गुडी पड़वा या उगादी पर्व मनाया जाता है.इस दिन घरों को हरे पत्तों से सजाया जाता है और हरियाली चारो और दृष्टीगोचर होती है.
इस वर्ष पश्चिमी कलेंडर के अनुसार ये वर्ष 29 मार्च 2017 को शुरू होगा..चलिए ये तो रही मान्यताएं और इतिहास की बातें अब कुछ वैज्ञानिक तथ्यों को भी जान लें..

भारतीय नव  वर्ष के वैज्ञानिक तथ्य:

१ चैत्र माह मतलब हिन्दू नव वर्ष के शुरू होते ही रातें छोटी और दिन बड़े होने लगते है..
२ पेड़ों पर नवीन पत्तियों और कोपलों का आगमन होता है..पतझड़ ख़तम होता है और बसंत की शुरुवात होती है..
३ प्रकृति में हर जगह हरियाली छाई होती है प्रकृति का नवश्रृंगार होता है..
४ धर्म को मानने वाले लोग पूजा पाठ करते है मंदिर जातें है नदी स्नान करतें है..
५ भास्कराचार्य ने इसी दिन को आधार रखते हुए गड़ना कर पंचांग की रचना की।

आप ही सोचे क्या जनवरी के माह में ये नवीनता होती है नहीं तो फिर नव वर्ष कैसा..शायद किसी और देश में जनवरी में बसंत आता हो तो वो जनवरी में नव वर्ष हम क्यूँ मनाये ....
चलिए आप सभी को नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें आशा करूँगा की ये नव वर्ष आप सभी के जीवन में अपार हर्ष और खुशहाली ले कर आये.. जाते जाते एक जानकारी के साथ छोड़ जाता हूँ भारतीय पंचांग के महीनो के नाम और पश्चिम में कैलेंडर में उस माह का अनुवाद
चैत्र--- मार्च-अप्रैल
वैशाख--- अप्रैल-मई
ज्येष्ठ---- मई-जून
आषाढ--- जून-जुलाई
श्रावण--- जुलाई - अगस्त
भाद्रपद--- अगस्त -सितम्बर
अश्विन्--- सितम्बर-अक्टूबर
कार्तिक--- अक्टूबर-नवम्बर
मार्गशीर्ष-- नवम्बर-दिसम्बर
पौष----- दिसम्बर -जनवरी
माघ---- जनवरी -फ़रवरी
फाल्गुन-- फ़रवरी-मार्च


Wednesday, 8 March 2017

कलरव कक्षा एक विवरणिका (क्या कहाँ ?)

पाठ

1  भारत प्यारा

2  बाग
3  तालाब गणित
4  हुआ सवेरा
5 लिखने की तैयारी

6वर्णमाला गीत 

7पतंग 


कितना सीखा


8रसोई 

9दुलारी की गागर


10 सैर-सपाटा 

11 गिनो बताओ 


कितना सीखा 


12 स्टेशन

13उड़े गुब्बारे 


14जया जगत और जुगनू 


15 गणित का बगीचा 


16 भैंस चली गाय से मिलने 


वर्णमाला 


बारहखड़ी 


17 इकाई और दहाई 


 कितना सीखा 


18 लता का घर 


19 जाड़ा गर्मी और बरसात


20बिल्ली का हार 


21पप्पू जी के रसगुल्ले 


कितना सीखा 


22 मुद्रा

English Awareness

Tuesday, 7 March 2017

बेसिक शिक्षा बाल क्रीडा प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल और सराहनीय योगदान हेतु श्रीमती मृदुला मिश्रा को किया गया सम्मानित

प्राथमिक विद्यालय बोडिया अनन्त ,बैतालपुर जनपद देवरिया की प्रधानाध्यापिका श्रीमती मृदुला मिश्रा को बेसिक शिक्षा बाल क्रीडा प्रतियोगिता में सराहनीय योगदान एवं निर्णायक मंडल में सहयोग देने हेतु बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री राजीव यादव ने प्रशस्ति पत्र देकर समानित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की . 

Monday, 6 March 2017

Baa, baa, black sheep

Sharing makes our life happy Baa Baa
The more we share the more we have Baa..Baa. 
Sharing Makes Our Life Joyful Baa Baa…
Sharing is a way of caring Baa Baa… 
Baa, baa, black sheep,
Have you any wool?
Yes sir, yes sir,
Three bags full.
One for the master,
One for the dame,
One for the little boy
Who lives down the lane

Baa, baa, white sheep,
Have you any wool?
Yes sir, yes sir,
Three bags full.
One for the master,
One for the dame,
And one for the little Girl
Who lives down the lane

Baa, baa, brown sheep,
Have you any wool?
Yes sir, yes sir,
Three bags full.
One for the master,
One for the dame,
And one for the Old Man
Who lives down the lane

Giving, Caring, Sharing, Helping shows your way of loving…
Loving, Caring, Sharing, Helping are our ways of living…

Baa, baa, All sheep,
Have you any wool?
Yes sir, yes sir,
Many bags full.
Some for My master,
Some for My Future,
the rest for sharing
with the people on the lane




Johny Johny! Yes, Papa

Johny Johny! Yes, Papa 

Eating sugar? No, papa 

Telling lies? No, Papa 

Open your mouth! Ha! Ha!! Ha!!!





Saturday, 25 February 2017

रोज सवेरे उठना अच्छा

रोज सवेरे उठना अच्छा,
नित्य कर्म करना अच्छा। 
ठीक समय पर पढ़ना अच्छा
नही किसी से लड़ना अच्छा