Tuesday, 29 August 2017

LET'S PRACTICE /CLASS-3/RAINBOW

इस अध्याय  पुनरावृति अध्याय में,अध्यापक बच्चों को बड़े और छोटे अक्षरों में अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर लिखने का अभ्यास करायेंगे.कई बार बच्चों को/अध्यापकों को, अक्षरों को कितने लाइन में और ऊपर या नीचे  लिखें इसमें थोडा संशय रहता है अतः दी वर्कशीट की सहायता से अध्यापक बच्चों को ये अभ्यास आसानी से करा सकते हैं..

Worksheet 1 

Worksheet 2



Worksheet 3 



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नोट: यदि इस पाठ से सम्बंधित कोई अन्य सुझाव,लेख,वीडियो आदि आप के पास उपलब्ध हो तो कृपया 8604208968 पर भेजें या कमेन्ट बाक्स में अपना सुझाव दें .               
 (आशुतोष नाथ तिवारी )
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LET'S REVISE/CLASS-3/RAINBOW/DAY2

यह पाठ कक्षा 3 के छात्रों को अंग्रेजी पढाने से पहले पूर्वज्ञान की पुनरावृत्ति के हेतु है.अध्यापकगण दूसरे  दिन इससे छात्रों को निम्न बिंदुओं की पुनरावृत्ति करायेंगे..
  1. अंग्रेजी वर्णमाला के वावेल अथवा स्वर 
  2. अंग्रेजी वर्णमाला के कान्सोनेंट अथवा व्यंजन 
Vowels : 
इस स्तर पर अध्यापक सिर्फ यही बतायेंगे की अंग्रेजी वर्णमाला में 5 वावेल अथवा स्वर होते हैं जो निम्नलिखित हैं.

Consonants:
इस स्तर पर अध्यापक सिर्फ यही बतायेंगे की अंग्रेजी वर्णमाला में 21 कांसोनेंट अथवा व्यंजन होते हैं जो निम्नलिखित हैं. 

अध्यापक बच्चों को ये भी बता सकता है कि 5 स्वरों को छोड़कर अंग्रेजी वर्णमाला के सभी अक्षर कांसोनेंट होते हैं.. 

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आशुतोष नाथ तिवारी 

LET'S REVISE/CLASS-3/RAINBOW/DAY1

यह पाठ कक्षा 3 के छात्रों को अंग्रेजी पढाने से पहले पूर्वज्ञान की पुनरावृत्ति के हेतु है.अध्यापकगण पहले दिन  छात्रों को निम्न बिंदुओं की पुनरावृत्ति करायेंगे..

  1. अंग्रेजी वर्णमाला के कैपिटल लेटर या बड़े अक्षर (uppercase letter)
  2. अंग्रेजी वर्णमाला के स्माल लेटर या छोटे अक्षर (lowercase letter)

Capital Alphabet

                             

अंग्रेजी वर्णमाला का के बड़े अक्षरों को पढाने के लिए आप इस नर्सरी राइम का भी उपयोग कर सकते हैं, 





Small Alphabet 

  अंग्रेजी वर्णमाला के छोटे अक्षर की पुनरावृत्ति आप निम्नलिखित वर्कशीट के माध्यम से करा सकते हैं. 

प्राथमिक विद्यालय बडका गाँव1 बरहज,का एक दृष्टीबाधित छात्र 75 जिलों के नाम बताते हुए

छात्रों प्रतिभा को यदि सही दिशा देने वाला मिले तो वो नए नए सृजनात्मक आयामो को पा सकती है। दिव्यांगों की शिक्षा का संदर्भ हो तो ये हाशिये पर ही दिखते हैं।
वीडियो में देवरिया जिले के बरहज विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बड़कागांव-1 का एक दृष्टिबाधित छात्र "किशन चौहान" उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के नाम अपने शिक्षक शिखर शिवम त्रिपाठी के निर्देशन में बता रहा है.
ये वीडियो सिर्फ ये बताता है कि सामान्यतया जिन दिव्यांग छात्रों को काम की अधिकता के कारण अध्यापकगण अलग से समय नही दे पाते यदि उन छात्रों की प्रतिभा को निखारा जाये तो अप्रत्याशित परिणाम मिल सकते हैं..
वीडियो लिंक:


आशुतोष की कलम से

Saturday, 19 August 2017

प्रथम सत्र परीक्षा 25/08/2017 से 28/08/2017 तक

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (देवरिया) श्री उपेन्द्र कुमार के निर्देशानुसार  प्रथम सत्र की परीक्षाएं दिनांक  25/08/2017 से 28/08/2017 तक आयोजित की जाएँगी ...

Tuesday, 15 August 2017

आशुतोष को गणतंत्र दिवस पर मिला जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक का सम्मान

श्री आशुतोष नाथ तिवारी को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2017) के अवसर पर शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान हेतु, जिलाधिकारी श्रीमती अनीता श्रीवास्तव,पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री राजीव यादव ने प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया ..
ज्ञातव्य हो की श्री आशुतोष नाथ तिवारी ने बेसिक शिक्षा परिषद् में नौकरी शुरू करने के 4 माह में ही यह पुरस्कार प्राप्त किया है.  शिक्षा अधिकारी श्री राजीव यादव ने कहा की यह उपलब्धि श्री आशुतोष नाथ तिवारी के शिक्षा और छात्रों के प्रति समर्पण की द्योतक है ..


            
                           







प्राथमिक विद्यालय सोनबह के समस्त अध्यापकगण एवं कर्मचारियों की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें

आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आइये नमन करें उन साढ़े चार लाख क्रांतिकारी वीरों को जिन्होंने हमारे इस "स्वर्णिम भविष्य" के लिए अपना वर्तमान,अपना जीवन, "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" के उदघोष के साथ, स्वतंत्रता की बलिवेदी में होम कर दिया.
मगर एक विचारणीय प्रश्न ये है कि हम कितने स्वतंत्र हैं,गुलाम भारत में कभी भगत सिंह, पंडित बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान की आजादी का घोष "वंदेमातरम" "भारत माता की जय", अंग्रेजो को स्वीकार नही था इसलिए उन्हें फांसी दे दी गई..
मगर आज हम स्वतंत्र है..स्वतंत्रता की 71वी वर्षगांठ मना रहे हैं . 70 साल में अशफाक उल्ला खान का "बन्दे मातरम" साम्प्रदायिक हो चुका है, सावरकर और भगत सिंह की "भारत माता" का जयकारा विवादित हो चुका है..और "भारत तेरे टुकड़े होंगे......" के नारे वर्तमान भारत की आधुनिक बुद्धजीविता के मानदंड बन गए???
यक्ष प्रश्न ये है कि, क्या हम फिर बौद्धिक गुलामी की ओर जा रहे हैं?? क्या भारत का जनतंत्र मर रहा है?? क्या इसी भारत की कल्पना की थी फाँसी पर झूलते समय हमारे अमर बलिदानियों ने???
खैर आज ये प्रश्न या विवेचना का दिन नही,आज दिन है जश्न मनाने का,आत्मबोध का...बाधाएँ आती है, आगे भी आते रहेंगी..कलयुग के समुंद्र मंथन का समय है, विष भी निकलेगा।।। 15 अगस्त हमारे उम्मीद,विश्वास और आस्था का दिन है । विश्वगुरु भारत के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित करने के संकल्प लेने का दिन है..आइये हम सब प्रण लें की अपने मूल अधिकारों के साथ, कर्तव्यों का भी निर्वहन करते हुए "विश्वगुरु भारत" की पुनर्स्थापना में अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे...
आप सभी को एक बार पुनः स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं.
जय हिंद, भारत माता की जय..
प्राथमिक विद्यालय सोनबह के समस्त अध्यापक एवं कर्मचारियों की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें 
आशुतोष की कलम से